PM Vidyalaxmi Yojana 2026: पात्रता, ब्याज छूट, आवेदन प्रक्रिया

देश के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार की PM Vidyalaxmi Yojana (प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना) के तहत अब तक 1,425 टॉप रैंक वाले उच्च शिक्षा संस्थानों (QHEIs) में एडमिशन लेने वाले मेधावी छात्रों को बिना गारंटी और बिना गारंटर के एजुकेशन लोन मिल रहा है। योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 नवंबर 2024 को मंजूरी दी थी और यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत बनाई गई है।

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Quick Answer: PM Vidyalaxmi Yojana के तहत टॉप 1,425 संस्थानों में एडमिशन लेने वाले छात्रों को कॉलेटरल-फ्री एजुकेशन लोन मिलता है। ₹7.5 लाख तक के लोन पर सरकार 75% क्रेडिट गारंटी देती है। ₹8 लाख तक सालाना पारिवारिक आय वालों को ₹10 लाख तक के लोन पर 3% ब्याज छूट, जबकि ₹4.5 लाख तक आय वालों को 100% ब्याज छूट (CSIS के तहत) मिलती है। आवेदन pmvidyalaxmi.co.in पोर्टल पर होता है।

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PM Vidyalaxmi Yojana क्या है?

PM-Vidyalaxmi एक केंद्रीय क्षेत्र (Central Sector) योजना है, जिसे शिक्षा मंत्रालय चलाता है। इसका मकसद है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी मेधावी छात्र IIT, IIM या किसी भी टॉप रैंक वाले संस्थान में पढ़ने से वंचित न रहे। योजना पूरी तरह डिजिटल है — आवेदन, लोन ट्रैकिंग, ब्याज छूट का दावा और शिकायत निवारण, सब कुछ एक ही पोर्टल से होता है।

PM Vidyalaxmi Yojana 2026 एजुकेशन लोन पात्रता और ब्याज छूट

कितने संस्थान इस योजना में शामिल हैं — 860 से बढ़कर 1,425

लॉन्च के समय (नवंबर 2024) इस योजना में 860 QHEIs (Quality Higher Education Institutions) शामिल थे, जिससे करीब 22 लाख छात्रों को फायदा मिलने का अनुमान था। NIRF रैंकिंग के हर साल अपडेट होने के साथ यह लिस्ट लगातार बढ़ी है और जुलाई 2026 की PIB रिपोर्ट के मुताबिक अब 1,425 संस्थान इस योजना के दायरे में आते हैं।

  • NIRF की ओवरऑल/कैटेगरी/डोमेन रैंकिंग में टॉप 100 में आने वाले सभी सरकारी और प्राइवेट संस्थान
  • राज्य सरकार के अधीन आने वाले वे संस्थान जो NIRF में 101वें से 200वें स्थान पर हैं
  • केंद्र सरकार के अधीन आने वाले सभी शेष उच्च शिक्षा संस्थान (जैसे IIT, IIM, NIT, केंद्रीय विश्वविद्यालय)

ध्यान रहे — विदेश में स्थित भारतीय संस्थानों की शाखाएं, भारत में विदेशी संस्थानों के कैंपस, और मैनेजमेंट कोटा/NRI कोटा से मिलने वाले एडमिशन इस योजना के लाभ के दायरे में नहीं आते।

PM Vidyalaxmi Eligibility पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है

  • आवेदक भारतीय नागरिक हो (OCI और विदेश में जन्मे कुछ श्रेणी के छात्र भी पात्र)
  • मेरिट के आधार पर किसी मान्यता प्राप्त QHEI में डिग्री या डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन मिला हो
  • आवेदन Aadhaar से रजिस्टर हो और कोर्स के दौरान संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन बना रहे
  • कोर्स बीच में छोड़ने या अनुशासनहीनता के आधार पर निष्कासित छात्र पात्र नहीं (मेडिकल आधार पर बीच में छोड़ने पर लाभ जारी रहता है)

लोन राशि की कोई सीमा नहीं, 75% क्रेडिट गारंटी

PM Vidyalaxmi Yojana में लोन की अधिकतम राशि पर कोई तय सीमा नहीं है — यह पूरी तरह संस्थान की फीस, हॉस्टल/मेस चार्ज, लैपटॉप और रहने-खाने के जरूरी खर्च पर निर्भर करती है। सभी आय वर्ग के छात्र आवेदन कर सकते हैं। बैंकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ₹7.5 लाख तक के लोन पर 75% क्रेडिट गारंटी देती है, जिससे बैंक बिना कॉलेटरल के भी लोन देने में सहज रहते हैं।

ब्याज छूट (Interest Subvention) — पूरी जानकारी

ब्याज छूट पारिवारिक सालाना आय के आधार पर दो स्तर पर मिलती है:

  • सालाना आय ₹4.5 लाख तक: PM-USP CSIS योजना के तहत टेक्निकल/प्रोफेशनल कोर्स के लिए ₹10 लाख तक के लोन पर मोरेटोरियम अवधि (कोर्स अवधि + 1 वर्ष) के दौरान 100% ब्याज छूट
  • सालाना आय ₹4.5 लाख से ₹8 लाख तक: ₹10 लाख तक के लोन पर 3% ब्याज छूट, हर साल अधिकतम 1 लाख छात्रों को यह लाभ मिलता है
  • अगर लोन राशि ₹10 लाख से ज्यादा है, तो ब्याज छूट सिर्फ ₹10 लाख की मूल राशि पर ही मिलेगी
  • जिन छात्रों को पहले से कोई अन्य सरकारी स्कॉलरशिप, ब्याज छूट या फीस रीइम्बर्समेंट मिल रहा है, वे इस छूट के पात्र नहीं होंगे

ब्याज दर, अतिरिक्त छूट और टैक्स बेनिफिट

योजना के तहत मिलने वाले लोन पर ब्याज दर बैंक की EBLR (Externally Benchmarked Lending Rate) + 0.5% से ज्यादा नहीं हो सकती — यह हमेशा बैंक की सामान्य एजुकेशन लोन दर से कम रहेगी। अगर छात्र पढ़ाई और मोरेटोरियम अवधि के दौरान ब्याज चुकाता रहता है, तो बैंक 1% तक की अतिरिक्त छूट भी दे सकते हैं। लोन चुकाने की अवधि मोरेटोरियम के बाद अधिकतम 15 साल तक है। इसके अलावा, इस लोन पर चुकाए गए ब्याज पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80E के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।

आवेदन प्रक्रिया — स्टेप बाय स्टेप

  1. ऑफिशियल पोर्टल pmvidyalaxmi.co.in पर जाएं और Student Login से रजिस्टर करें
  2. Aadhaar से लिंक डिटेल्स भरकर कॉमन लोन एप्लिकेशन फॉर्म भरें
  3. अपना पसंदीदा बैंक/बैंकों को चुनें (एक साथ कई बैंकों में आवेदन भेजा जा सकता है)
  4. एडमिशन प्रूफ, इनकम सर्टिफिकेट और जरूरी KYC डॉक्यूमेंट अपलोड करें
  5. बैंक से लोन सैंक्शन के बाद, पहली किस्त मिलने पर पोर्टल पर ब्याज छूट के लिए आवेदन करें
  6. पोर्टल पर लॉगिन करके आवेदन का स्टेटस कभी भी ट्रैक करें

जरूरी दस्तावेज: Aadhaar कार्ड, एडमिशन लेटर, राज्य सरकार की अधिकृत एजेंसी से जारी इनकम सर्टिफिकेट, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक KYC डॉक्यूमेंट, और (जहां जरूरी हो) पैरेंट/गार्जियन को को-बॉरोअर के तौर पर जोड़ने के दस्तावेज।

डिजिटल वॉलेट सिस्टम — PM Vidyalaxmi Digital Rupee App

ब्याज छूट की राशि सीधे बैंक खाते में नहीं बल्कि PM Vidyalaxmi Digital Rupee App (CBDC वॉलेट) में आती है और वहां से लोन खाते में ट्रांसफर होती है। PIB के अनुसार 22 जुलाई 2026 तक इस वॉलेट के जरिए 35,777 एक्टिव वॉलेट्स से ₹57.66 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है।

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना में अब तक कितने छात्रों को मिला फायदा

वित्त वर्ष 2025-26 में पोर्टल पर सभी योजनाओं को मिलाकर कुल 6,45,514 एजुकेशन लोन आवेदन आए, जिनमें से 1,10,667 आवेदन खासतौर पर PM Vidyalaxmi स्कीम के लिए थे। इनमें से 70,852 लोन सैंक्शन हुए और 67,728 लोन डिस्बर्स भी हो चुके हैं। आवेदकों में 3,68,742 पुरुष और 2,76,764 महिला छात्र शामिल रहे, जिनमें क्रमशः 2,03,438 और 1,58,629 लोन सैंक्शन हुए। सरकार ने इस योजना के लिए 2024-25 से 2030-31 तक कुल ₹3,600 करोड़ का बजट रखा है, जिससे सात साल में करीब 7 लाख नए छात्रों को ब्याज छूट का फायदा मिलने का अनुमान है।

निष्कर्ष: PM Vidyalaxmi Yojana 2026

PM Vidyalaxmi Yojana उच्च शिक्षा में एडमिशन लेने वाले मेधावी छात्रों के लिए वाकई एक गेम-चेंजर साबित हो रही है। 1,425 टॉप संस्थानों तक कवरेज, कॉलेटरल-फ्री लोन, 75% क्रेडिट गारंटी, आय-आधारित ब्याज छूट और पूरी तरह डिजिटल प्रोसेस — इन सबकी वजह से अब सिर्फ मेरिट के दम पर भी बड़े संस्थानों में पढ़ाई का सपना पूरा किया जा सकता है। ताजा जानकारी और आवेदन के लिए हमेशा ऑफिशियल पोर्टल pmvidyalaxmi.co.in ही चेक करें, क्योंकि इस नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स भी सक्रिय हैं जो पेमेंट मांगती हैं — असली पोर्टल कभी पैसे नहीं मांगता।

PM Vidyalaxmi Yojana में अभी कितने संस्थान शामिल हैं

जुलाई 2026 की PIB रिपोर्ट के अनुसार, अब कुल 1,425 QHEIs (टॉप रैंक वाले उच्च शिक्षा संस्थान) इस योजना में शामिल हैं। लॉन्च के समय यह संख्या 860 थी और NIRF रैंकिंग अपडेट होने के साथ हर साल इसमें बदलाव होता है।

PM Vidyalaxmi Yojana के तहत अधिकतम कितना लोन मिल सकता है

लोन राशि पर कोई तय सीमा नहीं है, यह छात्र की फीस, हॉस्टल और अन्य जरूरी खर्च पर निर्भर करती है। हालांकि ₹7.5 लाख तक के लोन पर 75% सरकारी क्रेडिट गारंटी और ₹10 लाख तक के लोन पर ब्याज छूट का लाभ मिलता है।

PM Vidyalaxmi Yojana में ब्याज छूट किसे मिलती है

₹4.5 लाख तक सालाना पारिवारिक आय वाले छात्रों को 100% ब्याज छूट (CSIS के तहत) और ₹4.5 लाख से ₹8 लाख तक आय वाले छात्रों को 3% ब्याज छूट मिलती है, दोनों ही ₹10 लाख तक के लोन पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान लागू होती हैं।

PM Vidyalaxmi Yojana के लिए आवेदन कहां करें

आवेदन ऑफिशियल पोर्टल pmvidyalaxmi.co.in पर किया जाता है। यहां Student Login से रजिस्टर करके कॉमन लोन एप्लिकेशन फॉर्म भरा जाता है और एक साथ कई बैंकों को आवेदन भेजा जा सकता है।

क्या PM Vidyalaxmi Yojana लोन के लिए कॉलेटरल या गारंटर जरूरी है

नहीं, इस योजना के तहत मिलने वाला एजुकेशन लोन पूरी तरह कॉलेटरल-फ्री और गारंटर-फ्री है, चाहे लोन की राशि कितनी भी हो।